कक्षा 10 के छात्र प्रसंग सहित व्याख्या लिखने का आसान तरीका

कक्षा 10 के छात्र प्रसंग सहित व्याख्या लिखने का आसान तरीका सीखें.... स्क्रीन शेयर के माध्यम से | पढ़ने और समझने में उनके समक्ष आने वाली कठिनाइयों के समाधान हेतु यह वीडियो प्रस्तुत है| मेरा नाम माला सिंह है, मै हिंदी की अध्यापिका हूं। कक्षा 10 में हिंदी काव्य ,गद्य साहित्य तथा व्याकरण पढ़ने के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए मैने यह चैनल बनाया है। https://www.youtube.com/watch?v=lq7pOyZKcAc

समय का उपयोग कीजिये और कमाइए

Use Your Time And Earn Mony   मित्रो आज के बदलते परिवेश मे सभी चाहते है आराम से कमाना | आज कल  fecebook ट्वीटर का युग चल रहा है | तो क्यूँ न हम मनोरंजन के साथ साथ कुछ कमाई भी कर लें | यही सोच कर हमने आपके लिए ये आरामदायक सुहाना अवसर तराशा है | तो आइए बताते है आपको कमाई का तरीका | कमाइए अपनी स्टोरी के हिसाब से 10, 20, 30, 40, 50, 60, 70, 80, 90, 100 Rs..जी हा ये सत्य है आपके स्टोरी की टोपिक deside करेगी बल्कि ये कहे की आपकी स्टोरी deside करेगी की आपको कितना मिले | और अगर हमसे डीसीजन मे गलती हो गयी तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है

BHARTIYA RASTRIY CONGRESS KI STHAPNA

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कीस्थापना स्थापना भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ 28 दिसम्बर 1885 को बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में हुई थी। इसके संस्थापक महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) ए ओ ह्यूम थे जिन्होंने कलकत्ते के व्योमेश चन्द्र बनर्जी को अध्यक्ष नियुक्त किया था। अपने शुरुआती दिनों में काँग्रेस का दृष्टिकोण एक कुलीन वर्ग की संस्था का था। इसके शुरुआती सदस्य मुख्य रूप से बॉम्बे और मद्रास प्रेसीडेंसी से लिये गये थे। काँग्रेस में स्वराज का लक्ष्य सबसे पहले बाल गंगाधर तिलक ने अपनाया था। प्रारम्भिक वर्ष 1907 में काँग्रेस में दो दल बन चुके थे - गरम दल एवं नरम दल। गरम दल का नेतृत्व बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय एवं बिपिन चंद्र पाल (जिन्हें लाल-बाल-पाल भी कहा जाता है) कर रहे थे। नरम दल का नेतृत्व गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोजशाह मेहता एवं दादा भाई